कजरीतीज पर साढ़े 11 लाख कांवड़ियों ने पृथ्वीनाथ मंदिर में किया जलाभिषेकखरगूपुर के पास पृथ्वीनाथ मंदिर में स्थित है एशिया का सबसे बड़ा शिवलाट

खरगूपुर। कजरीतीज पर पौराणिक पृथ्वीनाथ मन्दिर में जलाभिषेक के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें सुबह दस बजे तक लगभग साढ़े 11 लाख से अधिक महिला-पुरुष कांवड़िये ने गंगाजल, दुग्ध, पुष्प, शमी, बेलपत्र, भांग, धतूर आदि से जलाभिषेक कर चुके थे। इसके बाद क्षेत्रीय व दूर दराज के श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक करना शुरु किया जो सोमवार देर सायं तक जारी रहा।
पांडवकालीन प्रसिद्ध पृथ्वीनाथ मंदिर में कजरीतीज के अवसर पर लाखों कांवड़िये व श्रद्धालुओं ने बम-बम भोले भंडारी,ॐ नमः शिवाय,जय महाकाल, जय शिव शंभू के उदघोष के साथ विशालकाय शिवलाट पर जलाभिषेक कर मनवांछित फल की कामना की। रविवार शाम पांच बजे के बाद से ही राप्ती बलरामपुर, सरयू करनैलगंज व अयोध्या से जल भरकर लाये कावड़ियों ने जलाभिषेक व पूजन-अर्चन शुरु कर दिया। इस मौके पर देवी पाटन मण्डल के विभिन्न जिलों सहित नेपाल देश तक के श्रद्धालु भी विभिन्न वाहनों से यहां पहुंचे।मन्दिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए फायर ब्रिगेड, ए डी एम, एडिसनल एस पी, एस डीएम सदर, खंड विकास अधिकारी, ए डी ओ पंचायत, राजस्व कर्मी तथा प्रभारी निरीक्षक राजेश तिवारी महिला-पुरुष आरक्षी व पी ए सी बल के साथ गर्भगृह व मंदिर परिसर में रहे।
वहीं क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेंसी के निदेशक अजय सिंह व मंडल प्रभारी संतोष पाण्डेय की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ता श्रद्धालुओं को जलाभिषेक कराने में सहयोग करते रहे। जलाभिषेक के बाद लोगों ने मेले में जमकर खरीदारी भी की।
सी एच सी अधीक्षक डॉ स्वेता त्रिपाठी नें बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कैंप में गर्मी और थकान से परेशान दर्जनों कांवड़ियों का इलाज किया गया।




