हरे पेड़ों पर चल रहा आरा, वन माफिया बेखौफ धानीगांव, ठठिया मटेहिया/बालपुर समेत कई गांवों में रोज कट रहे आम, महुआ, नीम और जामुन के पेड़

बदलता स्वरूप संवाददाता

बालपुर / गोण्डा। क्षेत्र में अवैध रूप से हरे पेड़ों की कटान लगातार जारी है। आरोप है कि वन माफिया बेखौफ होकर प्रतिबंधित और उपयोगी प्रजातियों के पेड़ों पर आरा चला रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्यवाही करने में नाकाम साबित हो रहा है। गोगिया, धानीगांव, ठठिया मटेहिया, बालपुर, हंडियागाड़ा, सालपुर समेत कई गांवों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम, गुलर, जामुन, नीम, महुआ और अन्य पेड़ों की कटाई की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में पेड़ों की कटान का सिलसिला तेजी से बढ़ा है। दिन और रात दोनों समय पेड़ों को काटकर लकड़ी बाहर भेजी जा रही है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अवैध कटान पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इससे पर्यावरण संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे पेड़ों की कटान से इन प्रयासों को झटका लग रहा है।

क्षेत्रवासियों के अनुसार आम, महुआ, जामुन, नीम और गुलर जैसे पेड़ न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशु-पक्षियों के संरक्षण में भी इनकी अहम भूमिका है। लगातार हो रही कटान से गर्मी बढ़ने, भूजल स्तर प्रभावित होने और जैव विविधता को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से संयुक्त अभियान चलाकर अवैध कटान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

वन विभाग के वन दरोगा रामचंद्र सिंह ने बताया कि अवैध रूप से पेड़ काटने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। शिकायतों की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति पेड़ों की कटान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

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