जिला चिकित्सालय बना कुत्तों का आरामगाह

योगी के फरमान से बेपरवाह कर्मचारी मस्त, अधिकारी मौन

अतुल श्रीवास्तव/जावेद ‘पप्पू’
बदलता स्वरूप गोंडा। जिला चिकित्सालय में जहां बीमारदार अपना इलाज कराने आते है जिसमें से कुछ ऐसे बीमार भर्ती होते हैं जिन्हें इंफेक्शन से काफी बचाव रखने की आवश्यकता होती है और योगी सरकार भी साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने का ताना-बाना बीन रखी है लेकिन जिला चिकित्सालय के कर्मचारी हैं जो शायद योगी के आदेशों की कोई परवाह नहीं करते और खुद आराम मे मशगूल रहते हैं जिसका परिणाम है कि कुत्ते वार्डो से लेकर जिला चिकित्सालय के छत तक भ्रमण करते देखे जा सकते हैं, यही नहीं जहां एक तरफ मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं वहीं बेड पर जानवर आराम फरमा रहे हैं।
ज्ञात हो कि जहां एक तरफ गेट पर वॉचमैन और इमरजेंसी के तमाम कर्मचारियों का आना जाना बना रहता है थोड़ा आगे बढ़ते हैं तो मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड समेत कई वार्ड बने हैं जहां दूर दूर से आने वाले बीमारदार भर्ती होकर अपना उपचार कराते हैं और यह उम्मीद करते कि हम यहां से सकुशल स्वस्थ होकर वापस अपने घर जाएंगे लेकिन इन कुत्तों का खौफ भी उन्हें बना रहता है कि कहीं हम इन आवारा कुत्तों के ही शिकार न हो जाएं अभी हाल ही में एक घटना वायरल हुई, जहां कुत्तों ने एक महिला को सड़क के दूसरे छोर तक खींच कर ले गए और उन्हें बुरी तरीके से जख्मी कर दिया था। उसके बावजूद जिला चिकित्सालय प्रबंध समिति की आंखें क्यों नहीं खुली, क्यों लापरवाह कर्मचारी हाथ पर हाथ धरै बैठे हैं, क्या इन्हे योगी सरकार के फरमानों का कोई भय नहीं या यह जानते हैं यदि कोई कार्रवाई हुई भी तो हम अपने स्तर से निपट लेंगे। कमोबेश यहां के कर्मचारियों को शायद किसी का कोई खौफ नहीं जिसका परिणाम यह है कि कुत्ते बेखौफ किसी भी वार्ड में आ जा सकते और छत तक अपना डेरा बना रहे बनाए रखे हैं। क्या किसी अधिकारी कर्मचारी या सुरक्षा कर्मियों का ध्यान इन कुत्तों पर नहीं गया सिर्फ मीडिया कर्मी अपनी जिम्मेदारियां का निर्वाहन करते रहें कि वार्डो में कुत्ते घूम रहे हैं फिलहाल कुत्ते वार्डो में भरते हैं खर्राटे, अधिकारी व कर्मचारी मस्त।

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