सब धरती कागज करूँ, लेखनी सब बनराय, सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाय-संत,कबीर दास

बहराइच। गुरु हमारे जीवन मे विशेष स्थान रखते है वे केवल हमे किताबी ज्ञान ही नही देते बल्कि सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देते हैं।हम सबके जीवन मे माता पिता भी ऐसे गुरु है जिनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन ने हम सबको शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया,माता पिता हमेशा सभी के प्रति प्रेम, धैर्य और सहानुभूति रखते है, वे कठिन विषयों को भी बहुत सरल तरीके से समझाते है,उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह हमेशाआगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते है। वे कहते है कि एक सच्चा शिक्षक वही है जो अपने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और अच्छे संस्कार पैदा करे,धीरे-धीरे हम सबके मन में भी यह इच्छा उत्पन्न हुई कि मैं बड़ा होकर ऐसा ही शिक्षक बनूँ, जो बच्चों को ज्ञान देने के साथ-साथ उन्हें एक अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा दे।
शिक्षक बनना मेरे लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की सेवा करने का माध्यम है।हम सब अपने गुरु के आदर्शों को अपनाकर विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने का प्रयास कर रहा हूँ ,अंततः मैं कह सकता हूँ कि मेरे गुरु मेरे लिए एक आदर्श हैं। उनकी प्रेरणा ने मेरे जीवन को एक नई दिशा दी और मुझे शिक्षक बनने का सपना दिखाया। मैं सदैव उनका सम्मान करूँगा और उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास करता रहूंगा/रहूंगी।

नीति मिश्रा नीति मिश्रा
शिक्षिका शिक्षिका

निहारिका दीक्षित राजेश मिश्रा
शिक्षक शिक्षिका

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