जयसिंहपुर ब्लॉक में सफाई कर्मचारी संभाल रहे कंप्यूटर और प्रमाण पत्रों का काम

बदलता स्वरूप
सुल्तानपुर। गांवों की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप, धन उगाही की शिकायतों की भी हो निष्पक्ष जांच
सुलतानपुर। ब्लॉक कार्यालय में तैनात सफाई कर्मचारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि जिन कर्मचारियों की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने की है, उनमें से कुछ से ब्लॉक स्तर पर कंप्यूटर संबंधी कार्य, जन्म प्रमाण पत्र सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों से जुड़े काम तथा आवास पंजीकरण जैसे कार्य कराए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक कार्यालय पहुंचने पर आम लोगों को संबंधित कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। आरोप यह भी है कि कुछ मामलों में काम कराने के नाम पर धन उगाही की शिकायतें सामने आती हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सफाई कर्मचारियों को ग्राम पंचायतों में सफाई कार्य के लिए नियुक्त किया गया है या ब्लॉक कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर एवं अन्य कार्यालयी कार्यों के लिए? यदि ब्लॉक स्तर पर कंप्यूटर ऑपरेटर अथवा अन्य कर्मचारियों की आवश्यकता है तो क्या इसके लिए संविदा, आउटसोर्सिंग या नियमानुसार नियुक्ति की प्रक्रिया नहीं अपनाई जानी चाहिए?
गौरतलब है कि सुलतानपुर में पहले भी सफाई कर्मचारियों से उनके मूल कार्य के बजाय कार्यालयी कार्य कराए जाने को लेकर सवाल उठ चुके हैं। वर्ष 2024 की एक रिपोर्ट में भी जिले के कई सफाई कर्मचारियों के जिला एवं ब्लॉक कार्यालयों में संबद्ध होने का मामला सामने आया था।
ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी महोदय से मांग की है कि संबंधित ब्लॉक में सफाई कर्मचारियों की तैनाती, उनके वास्तविक कार्य, कार्यालय में संबद्ध किए जाने के आदेश तथा प्रमाण पत्र एवं आवास संबंधी कार्यों में उनकी भूमिका की जांच कराई जाए। साथ ही यदि धन उगाही की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
सवाल यह है—जब गांवों की सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारी नियुक्त हैं, तो ब्लॉक कार्यालय में बाबू और कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका कौन और किस आदेश के तहत निभा रहा है?

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