फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं सीमाक्षेत्र की युवतियां

एसएसबी ने 10 युवतियों को दिया प्रशिक्षण, प्रमाण-पत्र वितरित कर स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित

श्रावस्ती ब्यूरो की रिपोर्ट

भिनगा। 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की ओर से सीमाक्षेत्र की युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाए गए फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को डी समवाय, सुइयां में समापन हुआ। नागरिक कल्याण कार्यक्रम वर्ष 2026-27 के तहत आयोजित प्रशिक्षण में सीमाक्षेत्र की 10 युवतियों ने हिस्सा लिया।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि 62वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट एवं द्वितीय कमान अधिकारी ललेंद्र रत्नाकर रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रेरणा फाउंडेशन के प्रशिक्षक ने युवतियों को अचार, पापड़, जैम सहित विभिन्न खाद्य पदार्थ तैयार करने की विधि बताई। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों की स्वच्छता, सुरक्षित रख-रखाव और प्रसंस्करण से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।

समारोह में कार्यवाहक कमांडेंट ने प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी युवतियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि सीखे गए हुनर का उपयोग स्वरोजगार शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में किया जा सकता है। उन्होंने युवतियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस दौरान उप कमांडेंट गोबर्धन पुजारी, सहायक कमांडेंट राहुल भरत माली, प्रेरणा फाउंडेशन के संजय श्रीवास्तव, ग्राम प्रधान, अधीनस्थ अधिकारी, एसएसबी जवान और प्रशिक्षु युवतियां मौजूद रहीं।

कार्यक्रम के बाद ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण सुरक्षा समन्वय बैठक हुई। इसमें सीमाक्षेत्र की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर रोक, संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना समय से साझा करने और ग्रामीणों व सुरक्षा बल के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर चर्चा की गई। एसएसबी अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीमा की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की।

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