मझीवां सानी में राहत वितरण पर उठे सवाल, सैकड़ों ग्रामीणों ने डीएम को दिया प्रार्थना पत्र

बाढ़ पीड़ितों ने लेखपाल पर लगाया पक्षपात का आरोप, निष्पक्ष सर्वे और जांच की मांग,

जिला ब्यूरो चीफ सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट,

बांदा/बबेरू। बाढ़ प्रभावित ग्राम मझीवां सानी में राहत सामग्री वितरण और क्षति के सर्वे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बांदा को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों ने संबंधित लेखपाल को हटाने की भी मांग उठाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में आई बाढ़ और लगातार बारिश से गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गए हैं। कई परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं और उनके सामने रहने तथा जीवन-यापन का संकट खड़ा है। इसके बावजूद वास्तविक पीड़ित परिवारों का सही तरीके से सर्वे नहीं कराया गया और कई पात्र परिवारों को अभी तक राहत सामग्री नहीं मिल सकी है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम लेखपाल द्वारा शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से सर्वे और राहत वितरण नहीं किया गया। आरोप है कि कुछ चहेते लोगों को मुख्य मार्ग पर खड़े होकर राशन किट और राहत सामग्री वितरित कर दी गई, जबकि वास्तविक जरूरतमंद परिवार राहत से वंचित रह गए।

शिकायत में ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ अपात्र लोगों से राहत सामग्री दिलाने के नाम पर धन लिए जाने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों ने इन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

एसडीएम और तहसीलदार को फोन पर दी थी सूचना

ग्रामीणों के मुताबिक, लेखपाल की कथित अनियमितताओं की जानकारी पहले ही एसडीएम और तहसीलदार को फोन के माध्यम से दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक न तो प्रभावी कार्रवाई हुई और न ही गांव में दोबारा सही तरीके से सर्वे कराया गया।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से यह भी जांच कराने की मांग की है कि शिकायत की जानकारी दिए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

पुनः सर्वे और लेखपाल को हटाने की मांग

जिलाधिकारी को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने बाढ़ से हुई क्षति का पुनः निष्पक्ष एवं स्थलीय सर्वे कराने, राहत सामग्री वितरण की सूची का सत्यापन कराने और पात्र परिवारों को शासन के मानकों के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

साथ ही संबंधित लेखपाल की कार्यप्रणाली की जांच कराकर उसे गांव से हटाने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर ही वास्तविक बाढ़ पीड़ितों को सरकारी राहत का लाभ मिल सकेगा।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराकर आरोप सही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

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