हिंदी दिवस पर न्यायालय में संगोष्ठी, दैनिक कार्यों में हिंदी प्रयोग की अपील

श्रावस्ती ब्यूरो की रिपोर्ट

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रावस्ती के तत्वावधान में आज जिला न्यायालय परिसर में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी जनपद न्यायाधीश / अपर जनपद न्यायाधीश अमित कुमार प्रजापति ने की।

इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने कहा कि 14 सितंबर को पिछले 67 वर्षों से हिंदी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसी दिन हिंदी को संवैधानिक रूप से भारत की राजभाषा का दर्जा प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश राज से स्वतंत्रता के बाद देशवासियों का सपना था कि पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने वाली एक साझा भाषा हो, जिसके माध्यम से वाद-संवाद हो सके। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्तागणों से अपने दैनिक कार्यों में अधिक से अधिक हिंदी भाषा के प्रयोग की अपील की।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अनुप्रिया ने कहा कि संविधान सभा ने एकमत होकर हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर वर्ष 1953 से इसे पूरे भारत में लागू किया गया और तभी से 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। उन्होंने हिंदी को विश्व की प्रमुख भाषाओं में से एक बताया।

कार्यक्रम में सिविल जज अवर खण्ड अरविन्द कुमार मद्धेसिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप साहनी सहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण, कर्मचारीगण, अधिवक्तागण तथा एलएडीसीएस के अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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