चौराहों पर चालान की कैंची, बाजार में ग्राहकों का टोटा लक्ष्य पूरा करने की कवायद में वाहनों पर कार्रवाई से व्यापारी चिंतित, नगर विधायक व सांसद से हस्तक्षेप की मांग

चौराहों पर चालान की कैंची, बाजार में ग्राहकों का टोटा
लक्ष्य पूरा करने की कवायद में वाहनों पर कार्रवाई से व्यापारी चिंतित, नगर विधायक व सांसद से हस्तक्षेप की मांग
दैनिक बदलता स्वरूप:-आनन्द गुप्ता (मान्यता प्राप्त पत्रकार)
बहराइच। शहर के प्रमुख चौराहों पर सुबह होते ही वाहनों की जांच और चालान की कार्रवाई आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन लगातार चालान की कार्रवाई का असर अब बाजारों की रौनक पर भी दिखाई देने लगा है। लोगों का आरोप है कि चालान के भय से कई लोग वाहन लेकर बाजार आने से बचने लगे हैं।
व्यापारियों के मुताबिक ऑनलाइन फुटकर कारोबार ने पहले ही स्थानीय बाजार की कमर तोड़ रखी है। अब बाजार आने वाले ग्राहकों को वाहन के चालान का डर सताने लगा है। इससे बाजारों में ग्राहकों की आमद प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि एक ओर वाहनों के चालान से सरकार को प्रतिदिन राजस्व मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर बाजार में ग्राहकों की संख्या घटने से दुकानदारों के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यह स्थिति छोटे और मध्यम दुकानदारों के लिए किसी दोहरी मार से कम नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले भी परेशान
ग्रामीण क्षेत्रों से शहर खरीदारी करने आने वाले छोटे दुकानदार और आम नागरिक भी कार्रवाई को लेकर चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि जरूरी सामान खरीदने अथवा अन्य कार्यों के लिए शहर आना उनकी मजबूरी होती है। ऐसे में वाहन संबंधी कार्रवाई का भय बना रहता है। मेडिकल कॉलेज अथवा अस्पताल में अपने स्वजन का इलाज कराने आने वाले तीमारदारों की परेशानी और बढ़ जाती है। इलाज की चिंता के बीच उन्हें वाहन की जांच और चालान की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
‘ऊपर से लक्ष्य का दबाव’
यातायात व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि चालान की कार्रवाई को लेकर ऊपर से लक्ष्य पूरा करने का दबाव रहता है। उनका कहना है कि इसी वजह से कई बार न चाहते हुए भी वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करनी पड़ती है। हालांकि यातायात विभाग का पक्ष है कि सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन कराना आवश्यक है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
कार्रवाई के साथ यातायात व्यवस्था भी हो बेहतर
नागरिकों का कहना है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसके साथ शहर की यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने की जरूरत है। पार्किंग की समस्या, अतिक्रमण, जाम और प्रमुख बाजारों में वाहनों की आवाजाही को लेकर व्यावहारिक व्यवस्था बनाए जाने की मांग भी उठ रही है। लोगों का कहना है कि केवल चालान की संख्या बढ़ाने के बजाय वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने और यातायात व्यवस्था सुधारने पर भी समान रूप से जोर दिया जाना चाहिए।
विधायक-सांसद से हस्तक्षेप की मांग
लगातार हो रही चालान की कार्रवाई और इससे बाजार में ग्राहकों की आमद प्रभावित होने की चिंता को लेकर नागरिकों और व्यापारियों ने नगर विधायक तथा सांसद से हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कराएं, जिसमें यातायात नियमों का पालन भी हो और आम नागरिकों तथा व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना भी न करना पड़े।
व्यापारियों का कहना है कि नियमों का पालन और सड़क सुरक्षा जरूरी है, लेकिन कार्रवाई और आम जनजीवन के बीच संतुलन भी उतना ही आवश्यक है। यदि बाजार आने-जाने में लोगों को लगातार चालान का भय बना रहेगा तो इसका असर स्थानीय कारोबार पर पड़ना स्वाभाविक है।




