रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जेडीयू नेत्री का धरना

14 सूत्रीय मांगों को लेकर अशोक लाट पर बैठीं शालिनी सिंह पटेल, कागजी साक्ष्य दिखाकर मुख्यमंत्री से एसआईटी जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग,
जिला ब्यूरो चीफ सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट ,बांदा।
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं, मरीजों से वसूली और स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेत्री शालिनी सिंह पटेल ने सोमवार को बांदा के अशोक लाट पर धरना शुरू किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर 14 सूत्रीय मांगें सरकार और जिला प्रशासन के समक्ष रखी हैं।धरने के दौरान शालिनी सिंह पटेल ने मीडिया के सामने कागजी दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। उन्होंने अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की एसआईटी जांच कराने की मांग तेज कर दी है। साथ ही आरोपों की जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।प्राचार्य की कार्यशैली से लेकर अधिकारियों की भूमिका पर सवालशालिनी सिंह पटेल ने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की कार्यशैली की जांच की मांग की है।उन्होंने सीएमएस रजनी भारती से अपेक्षित तरीके से काम नहीं लिए जाने का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की भी जांच कराने की मांग की। इसके अलावा डॉ. प्रवीण सरावगी की भूमिका, डॉ. बंसल तथा मैट्रन साजिया खान और सावित्री यादव से संबंधित शिकायतों की जांच की मांग भी उनके 14 सूत्रीय मांगपत्र में शामिल है।इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण सक्षम और निष्पक्ष जांच के बाद ही किया जा सकेगा।जिला अस्पताल में कथित वसूली का मुद्दाधरने में जिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों से कथित वसूली तथा अस्पताल की विभिन्न कमियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। शालिनी सिंह पटेल ने सरकारी अस्पताल में मरीजों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।उन्होंने कथित वसूली की शिकायतों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।300 बेड के अस्पताल को चालू कराने की मांगधरने की प्रमुख मांगों में 300 बेड के अस्पताल को शीघ्र चालू कराए जाने का मुद्दा भी शामिल है। उनका कहना है कि बांदा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भर हैं। ऐसे में अस्पताल की अतिरिक्त क्षमता का उपयोग मरीजों के हित में किया जाना जरूरी है।ट्रॉमा सेंटर में सुधार की मांगशालिनी सिंह पटेल ने ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग भी उठाई है। गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, उपकरणों और आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।मुख्यमंत्री से एसआईटी जांच की मांग तेजधरने के दौरान मीडिया के सामने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल से जुड़े मामलों की जांच स्थानीय स्तर पर ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री स्तर से एसआईटी गठित कर जांच कराई जानी चाहिए।उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रस्तुत किए गए कागजी साक्ष्यों और शिकायतों का संज्ञान लेकर उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाएं तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।14 सूत्रीय मांगों पर टिकी निगाहेंजेडीयू नेत्री के धरने में मेडिकल कॉलेज की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका, जिला अस्पताल की कमियां, कथित वसूली, 300 बेड अस्पताल को चालू कराने, ट्रॉमा सेंटर में सुधार और कथित भ्रष्टाचार की जांच समेत 14 प्रमुख मांगें उठाई गई हैं।अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इन आरोपों तथा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों पर क्या संज्ञान लेते हैं और एसआईटी जांच की मांग पर शासन का क्या रुख सामने आता है।




