मंडोली कला-अड़ावल में पक्के पुल की मांग तेज, संघर्ष समिति ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

अस्थायी पीपे का पुल बंद होने से करीब 50 किलोमीटर बढ़ जाती है दूरी, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लगाई पक्के पुल निर्माण की गुहार
जिला ब्यूरो चीफ सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट बांदा। जनपद के जसपुर ब्लॉक अंतर्गत मंडोली कला-अड़ावल के बीच यमुना नदी पर पक्के पुल के निर्माण की मांग को लेकर मंडोली कला-अड़ावल पुल निर्माण संघर्ष समिति ने बुधवार को जिलाधिकारी बांदा को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति ने क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्या को देखते हुए यमुना नदी पर स्थायी पक्के पुल का निर्माण कराए जाने की मांग की।ज्ञापन में बताया गया कि मंडोली कला-अड़ावल के बीच यमुना नदी पर वर्तमान में आवागमन के लिए अस्थायी रूप से पीपे के पुल का निर्माण कराया जाता है। इस पुल के माध्यम से प्रतिदिन बांदा, हमीरपुर, फतेहपुर, कानपुर और प्रयागराज सहित आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को आवागमन की सुविधा मिलती है।समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष के करीब पांच महीने अस्थायी पीपे के पुल से आवागमन बंद रहता है।
पुल बंद होने के दौरान क्षेत्र के लोगों को दूसरे मार्गों से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आवागमन की दूरी करीब 50 किलोमीटर तक बढ़ जाती है। इससे ग्रामीणों, व्यापारियों, किसानों, विद्यार्थियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।संघर्ष समिति ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की सुविधा और आसपास के जनपदों के बीच बेहतर संपर्क के लिए यमुना नदी पर पक्के पुल का निर्माण बेहद आवश्यक है। समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जनहित को देखते हुए मंडोली कला-अड़ावल के बीच यमुना नदी पर स्थायी पुल निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।ज्ञापन सौंपने के दौरान संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष केशव तिवारी राजेंद्र सिंह चौहान उपाध्यक्ष सिया राम सिंह कोषाध्यक्ष संजय प्रसाद तिवरी पप्पू भाई अनूप सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।




