व्यक्तिगत विकास के तीन पहलू हैं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक-डा. पंकज

बहराइच। कठोर परिश्रम और सच्ची लगन से जीवन में किसी भी मनचाहे मुकाम को हासिल किया जा सकता है। तयजीवन में मेहनत, हिम्मत और लगन से बड़ी से बड़ी कल्पना साकार होती है। यह बात बहराइच के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा एस के सिंह ने जैनस इनीशिएटिव्स के सृजन के 1 वर्ष पूरे होने पर बच्चों को संबोधित करते कहीं डॉ पंकज की सराहना करते हुए कहा कि लगभग डेढ़ सौ बच्चों को नि:शुल्क कंप्यूटर शिक्षा एवं उनके व्यक्तित्व के विकास के लिए अंग्रेजी, मैथ एवं महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के लिए नि:शुल्क सिलाई का संचालन करना पुनीत कार्य है, जो हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ पंकज इस कार्य को कर रहे हैं। जैनस इनीशिएटिव्स के संस्थापक वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ पंकज कुमार श्रीवास्तव सर्जन ने एक वर्ष होने पर कहा कि व्यक्तिगत विकास के तीन पहलू हैं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक। जबकि आप स्वचालित रूप से अपने मन और शरीर को बेहतर बनाने को प्राथमिकता दे सकते हैं, तीनों क्षेत्रों पर समान ध्यान देना आवश्यक है। जो इस कार्य को सृजन कर रहा है।

संस्था की सचिव डॉ दीप्ति सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि परिश्रम ही जीवन की सफलता का रहस्य है, सच्ची लगन तथा सच्चे उद्देश्य से किया हुआ प्रयास कभी निष्फल नहीं जाता है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ किशन द्विवेदी ने कहा कि कठोर परिश्रम एवं कड़ी मेहनत मनुष्य का असली धन होता है, बिना कठिन परिश्रम के सफलता पाना असंभव है। इस दुनिया में जो व्यक्ति कठिन परिश्रम करता है सफलता उसी का कदम चूमती है। डॉ पंकज श्रीवास्तव एवं डॉ दीप्ति सिंह ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह, पुष्पगुच्छ व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। सृजन की संचालिका शालिनी श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया इसके साथ साथ कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में जैनस इनीशिएटिव्स के समस्त पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

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