गरीब कय देखय वाला कोय नय छै, वर्षों लगैलिए टकटकी, नय मिललै शहरी आवास योजना कय रुपया

उपेक्षित महिलाओं ने मीडिया के दफ़्तर में पहुंच सुनाई अपनी अपनी दास्तान

बदलता स्वरूप खगड़िया (बिहार)। नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 13, 14 तथा 15 में कुछ ऐसे गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाली परिवार हैं, जो वर्षों से टकटकी लगाए बैठी है कि अब मुझे मिलेगा प्रधान मंत्री आवास योजना (शहरी)के तहत अपने घर को पक्का छतदार बनाने के लिए दो लाख रुपया। मगर, आज तक हम गरीब की सुधी लेने वाला कोई मसीहा हमारे घर नहीं आया। उक्त बातें, वर्णित वार्डों की कुछ महिलाओं ने वैशाली इलेक्ट्रोनिक अख़बार के दफ़्तर में आकर अपना दुःखड़ा सुनाई, जिसमें असीम लाल ठाकुर की पत्नी सुलेना देवी, भीमिसन सिंह की पत्नी लीलम देवी, किशुन सहनी की पत्नी कौशल्या देवी, अखलेश सहनी की पत्नी रीता देवी, रमदेई सहनी की पत्नी शोभा देवी, काजल देवी, सियाराम सहनी की पत्नी खुदनी देवी, करेला सहनी की पत्नी ममता देवी तथा जुगल सहनी की पत्नी क्रांति देवी आदि। ऐसे गरीब निरीह परिवार के विशेष आग्रह पर चीफ़ एडिटर डॉ अरविन्द वर्मा ने उनके घर पर जाकर उनकी स्थिति देखी। स्थिति देखकर डॉ वर्मा अचंभित हो गए कि आखिर क्यों नहीं ऐसे गरीब की सुधी लेने कोई आगे आए ? उपेक्षित गरीब महिलाओं ने कहा बाबू, गरीब के देखै वाला कोय नय छै। हमरा मोहल्ला में अमीर लोग कय और नौकरी वाला कय भी मिल गेलै प्रधान मंत्री आवास योजना (शहरी) कय रुपया। इस पर डॉ वर्मा ने उन महिलाओं को आश्वस्त किया कि आपलोगों की आवाज ज़िले के वरिष्ठ अधिकारियों और बिहार सरकार के मुख्य मंत्री तक मीडिया के माध्यम से पहुंचाने का कार्य करुंगा ताकि जांच पड़ताल कर आपलोगों को भी आवास योजना की राशि मिले और आप लोग भी पक्का मकान बना सकें।

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