बाल विवाह है कानूनी अपराध: डीपीओ

जिला प्रोबेशन कार्यालय पर बाल विवाह में चुनौतियां पर चर्चा

बदलता स्वरूप गोण्डा। मिशन शक्ति 5.0 के तहत सोमवार के लिए निर्धारित थीम जनपद स्तर पर रोके गये बाल विवाहों में शामिल बालिकाओं के सम्मान में विशेष समारोह का आयोजन अन्तर्गत कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में जनपद में रोके गये दो बाल विवाहों की बालिकाओं को उनके अभिभावक के साथ आमंत्रित किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी ने दोनों बालिकाओं से बाल विवाह रोके जाने में उनके सामने आई चुनौतियों पर चर्चा की गयी। डीपीओ ने संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह का मतलब है, किसी बच्चे का कानूनी या अनौपचारिक विवाह, जब उसकी उम्र 18 साल से कम हो भारत में, 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के का विवाह करना बाल विवाह की श्रेणी में आता है। यह कानूनी अपराध है। उन्होंने आमजन से अपील किया कि वह अपने बच्चों का बाल विवाह न करें, बल्कि सरकार द्वारा निश्चित आयु के उपरान्त विवाह करें, इससे बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास में अवरोध उत्पन्न न हो। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने दोनो बालिकाओं को सम्मानित करते हुए योजना से जोड़ने के लिए सम्बन्धित को निर्देशित किया गया। इस दौरान संरक्षण अधिकारी चन्द्रमोहन वर्मा, परियोजना समन्वयक आशीष मिश्रा, केन्द्र प्रशासक चेतना सिंह, रिचा तिवारी, सुपरवाइजर माखनलाल तिवारी, एक्शन एड से विजय शुक्ला व वली मोहम्मद आदि मौजूद रहे।

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