कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और मेले का उत्साह

रवि शर्मा

बदलता स्वरूप जमुनहा, श्रावस्ती। कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर क्षेत्र के लोगों में अद्भुत उत्साह देखा गया। सूर्योदय से पहले ही श्रद्धालु नदी किनारे पहुंचने लगे। लोगों ने पवित्र स्नान कर भगवान की पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं नदी किनारे की गई व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले मेलों का रुख किया। कथरा, बनगई, और अन्य जनपदों में लगे मेले विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। मेले में बच्चों के लिए झूले, खाने-पीने के स्टॉल और मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की दुकानों पर भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं ने मेले का आनंद लेते हुए पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद लिया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। जगह-जगह साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और मेले की यह परंपरा न केवल धार्मिक भावनाओं को अभिव्यक्त करती है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और मेल-जोल का भी प्रतीक है।

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