श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर भक्तगण हुए भाव विभोर – देवेन्द्र प्रसन्नाचार्य

सात दिवसीय संगीतमई श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन निकली झांकी

अयोध्या l सात दिवसीय संगीतमई श्रीमद भागवत कथा जो सहादतगंज चुंगी, रामपथ-अयोध्या में प्रसिद्ध कथावाचक देवेन्द्र प्रसन्नाचार्य जी महाराज के मुखारविंद से श्रोता भक्तगण रसपान कर रहे है l आज की कथा में रामा अवतार, श्री कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग के साथ श्रोता भाव विभोर हो गये तथा झाँकी निकाली गई l देवेन्द्र प्रसन्नाचार्य जी महाराज ने एक प्रसंग में कहा कि अयोध्या के महाराज दशरथ एक प्राणी ही नहीं एक योगी का संत का जन्म ही नहीं बल्कि अवतार लिया था l वैदेही महाराज जनक के द्वारा एक गौ की हत्यार होन जाने के कारण इनके द्वारा बताया गया कि महाराज दशरथ के द्वारा निवेदन किया गया कि एक सफाई कर्मचारी ने कहा कि सरयू जल का यह निर्मल पानी मेरे राजा ने यदि सत्य, निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने जीवन में सेवा की हो तो गौ माता आज को जीवन मिल जाय l इतना ही कहते हुए गौ माता उठकर बैठ गई l देवेन्द्र प्रसन्नाचार्य जी ने कहा कि शंका की कोई दवा नहीं जिसके मन मस्तिष्क में एक बार किसी के प्रति शंका बैठ गयी उसका कोई निदान नहीं कर सकता हैं l कथा श्रवण में मोदनवाल परिवार से रमेश चन्द , ठट्ठी लाल , जगन्नाथ , संतोष , दीपक , शनि , विक्रांत , राम कुमार , रामनाथ , मनीष जी ,किशन लाल मोदनवाल, हरिहर प्रसाद मोदनवाल, शिवम फास्ट फूड शिवा, शुभम, शिवम, सत्यम, रिषु, रिषभ, अनुज, संजय पप्पू कैटर्स एवं सत्यम स्वीट्स हनी, हर्ष, रवि, कृष्णा, अयांश, परी, अंश, स्वास्तिक, आस्वी, रुद्ररांश, अक्षरा, संजय अनोखी सहित पूरा परिवार कथा का अमृतपान कर रहे है

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