श्मशान घाट जर्जर होने के बाद,पडो़हरा के वाशिंदे टेंट में अंतिम संस्कार करने को मजबूर।

बांदा, पैलानी तहसील के पडोहरा गांव में ग्राम प्रधान की घोर लापरवाही के चलते आज तक श्मशान घाट ना बनाए जाने की वजह से गंभीर बीमारियों के चलते इस तरह की भीषण बरसात में ग्रामीणों को टीन के चद्दर तथा टेंट लगाकर ग्रामीण अंतिम संस्कार किए जाने को विवश हैं बता दें कि बीते दिनों आए तूफान के चलते श्मसान स्थल ध्वस्त हो गया था जिसे आज तक नहीं बनाया जा सका इस संदर्भ ग्राम प्रधान सहित खंड विकास अधिकारी जसपुरा तथा सचिव को कई बार ग्रामीणों ने मुक्तिधाम ग्रह बनाए जाने की शिकायत कर चुके हैं परंतु आज तक यहां शमशान स्थल नहीं बन सका है बीते दिनों पडो़हरा गांव निवासी सुनील पुत्र लोटन वर्मा उम्र 22 वर्ष की गंभीर बीमारी के चलते मौत हो गई थी जिसको लेकर लोगों को अग्नि दाह करने के लिए शमशान स्थल पर बिखरे पडे टीन के चद्दर के साथ टेंट लगाकर अग्नि दाह करना पड़ा ग्रामीण राम बहादुर, सुनील सिंह चंद्रपाल निषाद महादेव निषाद राम भवन पाल बदलू पाल शंकर निषाद आदि लोगों ने जानकारी देते हुए बताया है कि नांदादेव पडोहरा रपटा क्षतिग्रस्त होने के दौरान मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी अमित आसेरी से ग्रामीणों ने अपनी इस समस्या से उन्हें अवगत कराया था। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ चंद्रावल नदी की बाढ़ का पानी तो दूसरी तरफ बरसते पानी में शमशान स्थल ना बने ही होने की वजह से भीषण मुसीबत का सामना करना पड़ता है।
जिला ब्यूरो चीफ सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट बांदा,




