जन्माष्टमी पर कान्हा गौशाला में किया गौ पूजन, गोवंशों को खिलाए केले; घायल गाय की सूचना मिलते ही दिन-रात दौड़ पड़ते हैं सोनू,

जिला ब्यूरो चीफ सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट,
जनपद बांदा, नरैनी
ग्राम पंचायत गुढ़ा कला की गौ शाला में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन गौ पूजन एवं गौसेवा का विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा प्रकोष्ठ के तहसील अध्यक्ष सोनू करवरिया ने श्रद्धापूर्वक गौ पूजन कर गोवंशों को केले खिलाए और उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की कामना की।
गौसेवा बनी जीवन का संकल्प
सोनू करवरिया की पहचान केवल एक संगठन के पदाधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि निस्वार्थ गौसेवक के रूप में बनती जा रही है। क्षेत्र में कहीं भी घायल, बीमार अथवा असहाय गोवंश की सूचना मिलती है तो सोनू करवरिया बिना देर किए उसकी मदद के लिए निकल पड़ते हैं।
रात हो या दिन, रास्ता आसान हो या मुश्किल—गौवंश की पीड़ा की खबर मिलते ही सोनू करवरिया अपनी स्कूटी लेकर मौके की ओर चल पड़ते हैं। उनकी सेवा भावना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि 100 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कभी अपनी शारीरिक स्थिति को गौसेवा के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया।
उनका यही जज्बा लोगों के लिए प्रेरणा बन रहा है। वे मानते हैं कि सेवा के लिए शरीर से ज्यादा मजबूत इच्छाशक्ति और संवेदनशील हृदय की जरूरत होती है।
जन्माष्टमी पर दिया गौसेवा का संदेश
कान्हा गौशाला में गौ पूजन के दौरान सोनू करवरिया ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन गौप्रेम और करुणा का संदेश देता है। इसलिए जन्माष्टमी जैसे पावन पर्व पर गौसेवा करना अत्यंत पुण्य एवं सौभाग्य का कार्य है।
कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कमल, समाजसेवी उमेश तिवारी, बबलू करवरिया एवं वेद प्रकाश पांडेय मौजूद रहे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कान्हा गौशाला में हुआ यह आयोजन केवल गौ पूजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गौसेवा, जीवदया और मानवता के प्रति समर्पण का संदेश भी दे गया।
सोनू करवरिया का संकल्प साफ है—
“गोवंश की सेवा के लिए जितना संभव होगा, उतना करते रहेंगे।”




