22 वर्षों बाद पुनर्गठित हुई जिला आकांक्षा समिति, महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण पर रहेगा जोर

रिपोर्ट अनिल जायसवाल
बदलता स्वरूप सुल्तानपुर
सुल्तानपुर, 27 सितंबर 2026: जिला आकांक्षा समिति, सुल्तानपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष श्रीमती मनजोत कौर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उल्लेखनीय है कि इस समिति का पुनर्गठन 22 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किया गया है।बैठक में नव-नामित सदस्यों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्रीमती मनजोत कौर ने बताया कि आकांक्षा समिति, उत्तर प्रदेश, आईएसओडब्ल्यूए (IASOWA) की एक डेवलपमेंट सोसाइटी है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और आय सृजन की पहलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं का सर्वांगीण सशक्तिकरण करना है।समिति की गतिविधियों का मुख्य केंद्र प्रदेश की वंचित एवं हाशिए पर स्थित महिलाओं और बालिकाओं तक सरकारी योजनाओं की जानकारी, पहुंच और उनका लाभ सुनिश्चित कराना है। इस समिति में जिलाधिकारी की धर्मपत्नी अध्यक्ष होती हैं, जबकि जिला स्तरीय अधिकारियों की पत्नियां और सिविल सोसाइटी की प्रतिष्ठित महिलाएं सदस्य के रूप में कार्य करती हैं।बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:स्वास्थ्य शिविर एवं मानसिक स्वास्थ्य परामर्श: वंचित महिलाओं और किशोरियों के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर विशेष ध्यान देते हुए पेशेवर परामर्शदाताओं (काउंसलर्स) की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।‘किशोरी मंच’ का गठन: किशोरियों और युवा महिलाओं को अपनी वास्तविक जीवन की समस्याओं और चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करने के लिए ‘किशोरी मंच’ का आयोजन किया जाएगा, जो उन्हें एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगा।शिक्षा के क्षेत्र में पहल: अगले चरण में समिति कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में अध्ययनरत छात्राओं के शैक्षणिक विकास पर केंद्रित विशेष गतिविधियां संचालित करेगी।बैठक में सुश्री गरिमा सोनकिया, सुश्री मंजुल मयंक, श्रीमती प्रीति जैन, श्रीमती नेहा यादव, सुश्री आकांक्षा तिवारी, श्रीमती इंदु भूषण, श्रीमती सुमन सिंह, डॉ. शिवांगी चौहान, सुश्री रूबी एवं श्रीमती सोनी यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।




