भू राजस्व वादों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में श्रावस्ती को मिला प्रथम स्थान-जिलाधिकारी

बदलता स्वरूप श्रावस्ती। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया है कि भू-राजस्व वादों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण के मामले में शासन से जारी रैंक में जनपद श्रावस्ती को पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। माह सिंतबर में शासन के निर्देश पर जारी राजस्व वादों के निस्तारण के बाद यह सूची जारी की गई है। जिसमें धारा-116 के तहत कुल योजित वादों के सापेक्ष लम्बित विचाराधीन वादों के निस्तारण में यह स्थान मिला है। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद के न्यायालयों में लम्बित वादों के मामलों की शासन द्वारा नियमित रूप से मानिटरिंग होती है। समस्त न्यायालयों में लंबित एवं नए राजस्व वादों की नियमित समीक्षा एवं राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्यवाही की गई। जिसके फलस्वरूप राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रणाली (आरसीसीएमएस) के पोर्टल पर सितंबर की प्रदेश स्तरीय जारी रैंकिंग में नए दायर वादों की संख्या के सापेक्ष वादों के निस्तारण में जनपद श्रावस्ती ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा जनपद श्रावस्ती भू-राजस्व की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत टॉप-10 में अपनी जगह बनाये रहा। जिसमें धारा-34 के अन्तर्गत 05 वर्ष से अधिक लम्बित वादों के निस्तारण में जनपद 5वें स्थान एवं धारा-80 के अन्तर्गत वादों के निस्तारण में 7वें स्थान पर है। इसके अलावा जनपद के कुल न्यायालयों के सापेक्ष में लम्बित वादों का प्रति न्यायालय औसत का गत माह के औसत में अन्तर के मानक पर प्रदर्शन में जनपद श्रावस्ती 8वें स्थान पर रहा है।

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