जीव की व्यथा समाप्त करती है भगवान की कथा -चंद्र दत्त सुवेदी

बदलता स्वरूप गोन्डा। रानी बाजार स्थित श्रीराम जानकी मारवाड़ी धर्मशाला में पोखर मल रंग लाल द्वारा आयोजित 9 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में दुसरे दिन प्रवचन करते हुए कथा वाचक आचार्य चन्द्र दत्त सुबेदी ने कहा भगवान की कथा जीव की व्यथा समाप्त करती है। उन्होंने उत्तरा के प्रसंग में कहा अश्वत्थामा द्वारा उनके गर्भ के बालक को नष्ट करना चाहा परन्तु भगवान श्रीकृष्ण ने उत्तरा के गर्भ में प्रवेश कर उस बालक की रक्षा की। कथा को आगे बढाते हुए कुन्ती श्रीकृष्ण संवाद में कुन्ती पर भगवान श्रीकृष्ण के महान अनुग्रह का वर्णन भीष्म पितामह के उपर भगवान की कृपा महाराज परीक्षित के जन्म एंव उनको प्राप्ति एवम् विदुर द्वारा कौरवों को पाण्डवों के साथ अन्याय न करने को कहना एवं विदुरानी के प्रेम में उनके द्वार दिए हुए कदली के छिलके भीग लगाने की कथा वर्णन किया कथा में , अब जाना नहीं कही ओर,बसा लो वृंदावन में,बसा लो वृंदावन में.. आदि कई भजनों की प्रस्तुति भी दी। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एडवोकेट, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, पंकज अग्रवाल एडवोकेट, अंशुमान अग्रवाल, अर्चित अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सुशील जालान, सचिन सिंघल, शोभा अग्रवाल, सरोज अग्रवाल, अंजना अग्रवाल ,स्वाति अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, सुरिभि केडिया संगीता जालान सहित अन्य लोग मौजूद रहीं।

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