वासना को समाप्त करती है भागवत कथा -चंद्रदत्त

भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की लीला देख भक्त हुए भावविभोर ..

बदलता स्वरूप गोन्डा। रानी बाजार स्थित श्रीराम जानकी मारवाड़ी धर्मशाला में पोखरमल रंगलाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के आख़िरी दिन में कथा प्रारम्भ करते हुए कथा वाचक आचार्य चन्द्र दत्त सुबेदी ने कहा भागवत की कथा वासना को समाप्त कर देती है।उन्होंने मुक्ति को परिभाषित करते हुए कहा जब वासना समाप्त होती है तभी जीवात्मा मुक्ति को प्राप्त होता है।क्यों कि पुनर्जन्म तभी होता है जब हृदय में वासना अवशेष रहती है भागवत कथा उस वासना के बीज को जला देती है इसलिए जीव का पुनर्जन्म नहीं होता,भगवान की अष्ट पटरानियों की कथा भगवान के सन्तति की कथा कृष्ण सुदामा मिलन यदुकुल के क्षय की कथा एवं महाराज परीक्षित की मुक्ति की कथा के साथ कथा की समाप्ति हुई ।भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की लीला को देख भक्त भावविभोर हो गये। कथा के दौरान राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एडवोकेट, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, पंकज अग्रवाल एडवोकेट, अंशुमान अग्रवाल, अर्चित अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सुशील जालान, सचिन सिंघल, चिंटू अग्रवाल, मनीष केडिया, शोभा अग्रवाल, सरोज अग्रवाल, अंजना अग्रवाल, स्वाति अग्रवाल, नेहा अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहीं।

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