मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर को दी 803 करोड़ रुपये से अधिक की 78 विकास परियोजनाओं की सौगात

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराएंगे लोकार्पण, लाभार्थियों को लैपटॉप, चेक, चाबी और आवास स्वीकृति पत्र वितरित
बलरामपुर, 10 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर के श्रीदत्तगंज विकासखंड के ग्राम बिलरिया में आयोजित कार्यक्रम में 803 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 78 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लैपटॉप, चेक, चाबी और आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने बलरामपुर की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म का भी अवलोकन किया। उन्होंने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मां पाटेश्वरी की पावन धरती को नमन किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि बलरामपुर के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। जनपद को विकास के नए प्रतिमानों के साथ आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं, सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभकार्यक्रम में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत विकास यादव और मो. शादाब को लैपटॉप प्रदान किए गए। कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत किरन वर्मा और हिमांशु यादव को चाबी सौंपी गई।मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए गए। इस प्रकार तीनों लाभार्थियों को कुल 15 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत किशना देवी, उर्मिला देवी, संगीता और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गुड़िया वर्मा और पिंकी को 45 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, ग्रामीण महिलाओं की आजीविका बढ़ाने तथा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।आकांक्षात्मक जनपद से संभावनाओं की ओर बढ़ रहा बलरामपुरमुख्यमंत्री ने कहा कि बलरामपुर कभी पिछड़े जनपद के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से यहां विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। जनपद आकांक्षात्मक जनपद से आगे बढ़कर संभावनाओं के नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में बलरामपुर के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं हेतु धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सरयू नहर परियोजना सहित विभिन्न योजनाएं जनपद के विकास में योगदान दे रही हैं।प्रधानमंत्री करेंगे मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का लोकार्पणमुख्यमंत्री ने कहा कि मां पाटेश्वरी के नाम पर स्थापित राज्य विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है। विश्वविद्यालय भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसका लोकार्पण कराया जाएगा।उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 1957 में वह बलरामपुर से पहली बार संसद पहुंचे थे। उनके नाम पर जनपद में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में रिंग रोड, सड़क और पुल निर्माण, चीनी मिल के विस्तार तथा थारू जनजातीय संग्रहालय के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।सड़क, पुल और आधारभूत सुविधाओं का हो रहा विस्तारमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बलरामपुर की सड़कें खराब स्थिति में थीं। मथुरा घाट पुल का निर्माण भी लंबे समय तक नहीं हो सका, लेकिन सरकार बनने के बाद इस दिशा में काम आगे बढ़ाया गया। बेहतर सड़क संपर्क, पुलों का निर्माण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर जनपद के सर्वांगीण विकास का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सरयू नहर परियोजना सहित विभिन्न बड़ी परियोजनाएं क्षेत्र की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों तक विकास की सुविधाएं पहुंचाना है।युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोरमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में लगभग 9.50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं से युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने में सहायता मिल रही है।उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आपदा में जनहानि तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष से होने वाली जनहानि और पशुहानि के मामलों में नियमानुसार 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा पर विशेष जोरमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में भारत विरोधी गतिविधियों को रोकने और अवैध कब्जों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखने की बात कही। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कठोर कार्रवाई की प्रतिबद्धता भी दोहराई।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश भी सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक स्थलों के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। बलरामपुर को विकास के नए प्रतिमानों के साथ आगे ले जाने के लिए सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी।जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूदकार्यक्रम में सदर विधायक पल्टूराम, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, विधान परिषद सदस्य अवधेश सिंह मंजू, जिला पंचायत प्रशासक आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, पूर्व विधायक शैलेष कुमार सिंह शैलू, उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता, देवीपाटन मंडल आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक अशोक कुमार शुक्ला, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, योजनाओं के लाभार्थी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।





