इंटीग्रल विश्वविद्यालय में युवा मानसिक स्वास्थ्य पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

तनाव प्रबंधन, मनोवैज्ञानिक दृढ़ता और भावनात्मक कल्याण पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
लखनऊ। इंटीग्रल विश्वविद्यालय के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की ओर से 13 अक्टूबर को विश्वविद्यालय के केंद्रीय सभागार में ‘युवा मानसिक स्वास्थ्य, मनोवैज्ञानिक दृढ़ता एवं कल्याण’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया गया। 13 और 14 अक्टूबर को आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देश्य युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तनाव प्रबंधन के उपायों पर चर्चा करने और भावनात्मक कल्याण को प्रोत्साहित करना है।संगोष्ठी का शुभारंभ मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. जेबा आकिल के स्वागत संबोधन से हुआ। आयोजन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. सैयद वसीम अख्तर के आशीर्वाद और प्रो. जेबा आकिल के मार्गदर्शन में किया गया।उद्घाटन सत्र में सामाजिक उद्यमी, शिक्षाविद्, महिला अधिकार कार्यकर्ता और लेखिका उर्वशी साहनी, लखनऊ विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष एवं हैप्पी थिंकिंग लैब की निदेशक प्रो. अर्चना शुक्ला तथा इंटीग्रल विश्वविद्यालय के आईआईएमएसआर की डीन प्रो. आभा चंद्रा ने अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. राधाकृष्ण धीमान, निदेशक, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ एवं अध्यक्ष, एम्स पटना ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. फुरकान कमर ने भी अपने विचार साझा किए।संगोष्ठी के पहले दिन मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर नाट्य प्रस्तुति दी। इसके बाद निर्वाण अस्पताल, लखनऊ के नैदानिक मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष एवं नैदानिक मनोवैज्ञानिक आस्था शर्मा ने तनाव प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की।यह संगोष्ठी युवा मानसिक स्वास्थ्य, मनोवैज्ञानिक दृढ़ता, भावनात्मक कल्याण और तनाव प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों के बीच संवाद का मंच प्रदान कर रही है। आयोजन के माध्यम से इंटीग्रल विश्वविद्यालय ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और विद्यार्थी कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।






